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विपणन के बारे में

विपणन के बारे में

भारत में पेट्रोलियम उत्पादों का खुदरा विपणन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) अर्थात् इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल), मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) और रिलायंस, एस्सार, शैल जैसी निजी कंपनियां द्वारा किया जाता है।

खुदरा बिक्री की आधारभूत सुविधाएं

दिनांक 01/05/2019 की स्थिति के अनुसार देश में, निजी कंपनियों सहित 313 टर्मिनल/डिपो, 192 एलपीजी भरण संयंत्र, निजी कंपनियों सहित 64703 खुदरा बिक्री केंद्र, 23757 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिपे, 6528 एसकेओ/एलडीओ डीलर है।

उत्‍पाद का मूल्‍य - निर्धारण

पेट्रोलियम उत्‍पादों को मूल्‍य निर्धारण जुलाई 1975 से प्रशासित मूल्‍य व्‍यवस्‍था(एपीएम) के तहत लाया गया था जब पेट्रोलियम उत्‍पादों का मूल्‍य निर्धारण आयात समता सिद्धांतों से लागत जमा सिद्धांतों में अंतरित किया गया था। एपीएम (1975 से 2002) के तहत निर्धारित विभिन्‍न तेल पूल खाते रखे गए थे ताकि i) बिक्री मूल्‍य में स्‍थिरता सुनिश्‍चित की जा सके; ii) अंतर्राष्‍ट्रीय मूल्‍यों की घट-बढ़ के विरूद्ध उपभोक्‍ताओं को बचाया जा सके और iii) सार्वजनिक वितरण के लिए मिट्टी तेल और घरेलू एलपीजी पेट्रोल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल(एटीएफ) आदि और स्‍वदेशी कच्‍चा तेल से क्रॉस राजसहायताकरण द्वारा घरेलू एलपीजी जैसे कतिपय उत्‍पादों के उपभोक्‍ता मूल्‍य का राजसहायताकरण किया जा सके।
01-04-2002 से एपीएम समाप्‍त किया गया था और सरकार ने बजट के तहत विशिष्‍ट समान दरों पर पीडीएस मिट्टी तेल और घरेलू एलपीजी की बिक्री पर राजसहायता देने का निर्णय लिया। इन बजटीय राजसहायताओं को लागू करने के लिए, सरकार ने 2002 में ‘पीडीएस मिट्टी तेल और घरेलू एलपीजी राजसहायता’ योजना बनाई। इस योजना में यह निर्णय लिया गया था कि इन राजसहायताओं को 3-5 वर्षें में समाप्‍त कर दिया जाएगा।
यद्यपि एपीएम को 1-4-2002 से समाप्‍त कर दिया गया था, संवेदनशील पेट्रोलियम उत्‍पादों अर्थात पेट्रोल (26-06-2010) से नियंत्रण समाप्‍त कर दिया गया था), डीजल (19-10-2014) से नियंत्रण समाप्‍त कर दिया गया था), पीडीएस मिट्टी तेल और घरेलू एलपीजी के सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसीज) अर्थात आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल द्वारा अत्‍यधिक अंतर्राष्‍ट्रीय तेल मूल्‍यों के प्रभाव से बचाया जा रहा था।